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#625वां_कबीरसाहेब_प्रकटदिवसपूर्ण परमेश्वर कबीर/कविर्देव जी स्वयं अपने सतलोक से आकर लहरतारा तालाब में कमल के पुष्प पर बालक रूप में प्रकट हुए।गरीब, काशी पुरी कस्त किया, उतरे अधर आधार।मोमन कूं मुजरा हुवा, जंगल में दीदार।।संत रामपाल जी महाराज
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