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#Allah_DidNotOrder_ToEatMeatकबीर - जीव हनै हिंसा करै, प्रगट पाप सिर होय । नि भिस्त गया नहिं कोय जो व्यक्ति जीव हिंसा करते हैं वे महापापी हैं, (भले ही जिन्होंने पूर्ण संत से पूर्ण परमात्मा का उपदेश भी प्राप्त है) वे कभी मुक्ति प्राप्त नहीं कर सकते।Last Prophet Sant Rampal Ji
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