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#कबीरपरमात्मा_के_जीवित_प्रमाणकबीर परमेश्वर जी के सतलोक गमन के समय हिंदू व मुसलमान उनके अंतिम संस्कार को लेकर लड़ने के लिए आमादा थे। कबीर परमेश्वर जी ने अपनी समर्थता का परिचय देते हुए इस गृह युद्ध को टाला व उनके शरीर के समान सुगंधित फूल उनके शरीर के स्थान पर प्राप्त हुए जिसे कबीर परमेश्वर जी के आदेशानुसार आधे आधे बांटकर हिंदुओं और मुसलमानों ने अपनी अपनी यादगार स्थापित की जो एक साथ बनी हुई है। यह प्रमाण आज भी उत्तर प्रदेश के मगहर शहर में विराजमान है कि कबीर जी हिंदू और मुसलमानों को एक करके अपने सतलोक चले गए।
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